रैगिंग: मदद कहाँ से लें
अगर आपकी रैगिंग हो रही है, या आप किसी ऐसे व्यक्ति को लेकर चिंतित हैं जिसकी रैगिंग हो रही है, तो आपको इससे अकेले नहीं निपटना है। यहाँ मदद के आधिकारिक रास्ते दिए गए हैं, जिन्हें 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया, और उनके बाद छात्रों, माता-पिता और गवाहों के लिए व्यावहारिक कदम।
मदद लें
- राष्ट्रीय रैगिंग-रोधी हेल्पलाइन: 1800-180-5522, टोल फ़्री, 24x7।
- ई-मेल: helpline@antiragging.in।
- ऑनलाइन: antiragging.in (नए टैब में खुलता है) पर रैगिंग-रोधी पोर्टल, जिसका लिंक UGC की वेबसाइट पर दिया गया है।
- आपका संस्थान: उसकी रैगिंग-रोधी समिति, दस्ता या नोडल अधिकारी, आपके वार्डन, या डीन ऑफ़ स्टूडेंट्स।
- अगर कोई तुरंत ख़तरे में है, तो पुलिस से संपर्क करें।
हेल्पलाइन नंबर, ई-मेल और पोर्टल, जैसे UGC के होम पेज पर दिए गए हैं। स्रोत: UGC होम पेज (नए टैब में खुलता है), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
इसके पीछे के नियम
UGC के विनियम (रेगुलेशंस) वाले पेज पर UGC (Curbing the Menace of Ragging in Higher Education Institutions) Regulations, 2009 (उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग की बुराई पर अंकुश संबंधी UGC विनियम, 2009) दिए गए हैं, जिनकी तारीख़ 17 जून 2009 है, और साथ में 2012 का एक संशोधन और 2013 का दूसरा संशोधन भी। पूरा पाठ वहीं पढ़ें, और अपने संस्थान की अपनी रैगिंग-रोधी नीति भी। स्रोत: UGC विनियम पेज (नए टैब में खुलता है), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
हर साल का ऑनलाइन वचन-पत्र
आपका संस्थान आपसे और आपके माता-पिता में से किसी एक से हर शैक्षणिक वर्ष antiragging.in पर ऑनलाइन रैगिंग-रोधी वचन-पत्र (undertaking) भरने को कह सकता है। उदाहरण के लिए, NIT कुरुक्षेत्र की 22 अप्रैल 2025 की एक सूचना में कहा गया है कि UGC के एक संशोधन ने इसे हर छात्र और हर अभिभावक के लिए अनिवार्य बना दिया है। अपने संस्थान के निर्देशों का पालन करें और रेफ़रेंस नंबर अपने दस्तावेज़ों के साथ रखें। स्रोत: NIT कुरुक्षेत्र की रैगिंग-रोधी सूचना (नए टैब में खुलता है), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
अगर आपके साथ ऐसा हो
- किसी सुरक्षित जगह पहुँचें, और किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताएँ: कोई दोस्त, कोई भरोसेमंद सीनियर, परिवार या कोई शिक्षक।
- हेल्पलाइन पर फ़ोन या ई-मेल करें, या पोर्टल के ज़रिए शिकायत करें। आप सीधे अपने संस्थान की रैगिंग-रोधी समिति, वार्डन या डीन के पास भी जा सकते हैं।
- जो हुआ उसे याद रहते ही लिख लें: तारीख़, समय, जगह, कौन शामिल था और किसने देखा। मैसेज, स्क्रीनशॉट और कॉल लॉग संभालकर रखें।
- रैगिंग हॉस्टल के बाहर भी हो सकती है: PG में, कॉलेज के रास्ते में, या ऑनलाइन। शिकायत करते समय बताएँ कि यह कहाँ हुआ।
- अपना ख़याल रखें। अगर आप उदास या बेचैन महसूस करें, या आपको नींद न आए, तो अपने संस्थान के काउंसलर या किसी डॉक्टर से बात करें।
माता-पिता और अभिभावकों के लिए
- सत्र शुरू होने से पहले हेल्पलाइन और अपने बच्चे के संस्थान के रैगिंग-रोधी संपर्क सेव कर लें।
- बात करने का एक नियमित समय तय करें। अगर आपका बच्चा असामान्य रूप से गुमसुम लगे, या वापस न जाना चाहे, तो नरमी से पूछें और ध्यान से सुनें।
- अगर आपका बच्चा रैगिंग के बारे में बताए, तो इसे गंभीरता से लें, सब कुछ लिखने में उसकी मदद करें, और मिलकर आधिकारिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
अगर आप इसे होते देखें
आप भी उसी हेल्पलाइन, पोर्टल या संस्थान के संपर्कों के ज़रिए इसकी शिकायत कर सकते हैं। किसी गवाह के बयान से उस व्यक्ति की बात पर भरोसा करना आसान हो सकता है जिसकी रैगिंग हो रही है।
स्रोत
- UGC होम पेज: रैगिंग-रोधी खंड और "Helpline Number @UGC" (नए टैब में खुलता है)। University Grants Commission (UGC)। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
- UGC Regulations: Student Centric (रैगिंग से जुड़े विनियम और उनके संशोधन) (नए टैब में खुलता है)। University Grants Commission (UGC)। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
- ऑनलाइन रैगिंग-रोधी वचन-पत्र पर सूचना, दिनांक 22 अप्रैल 2025 (नए टैब में खुलता है)। National Institute of Technology Kurukshetra, Office of the Dean (Students’ Welfare)। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।